शिकायत बोल

शिकायत बोल
ऐसा कौन होगा जिसे किसी से कभी कोई शिकायत न हो। शिकायत या शिकायतें होना सामान्य और स्वाभाविक बात है जो हमारी दिनचर्या का हिस्सा है। हम कहीं जाएं या कोई काम करें अपनों से या गैरों से कोई न कोई शिकायत हो ही जाती है-छोटी या बड़ी, सहनीय या असहनीय। अपनों से, गैरों से या फ़िर खरीदे गये उत्पादों, कम्पनियों, विभिन्न सार्वजनिक या निजी क्षेत्र की सेवाओं, लोगों के व्यवहार-आदतों, सरकार-प्रशासन से कोई शिकायत हो तो उसे/उन्हें इस मंच शिकायत बोल पर रखिए। शिकायत अवश्य कीजिए, चुप मत बैठिए। आपको किसी भी प्रकार की किसी से कोई शिकायत हो तोर उसे आप औरों के सामने शिकायत बोल में रखिए। इसका कम या अधिक, असर अवश्य पड़ता है। लोगों को जागरूक और सावधान होने में सहायता मिलती है। विभिन्न मामलों में सुधार की आशा भी रहती है। अपनी बात संक्षेप में संयत और सरल बोलचाल की भाषा में हिन्दी यूनीकोड, हिन्दी (कृतिदेव फ़ोन्ट) या रोमन में लिखकर भेजिए। आवश्यक हो तो सम्बधित फ़ोटो, चित्र या दस्तावेज जेपीजी फ़ार्मेट में साथ ही भेजिए।
इस शिकायत बोल मंच के बारे में अपने इष्ट-मित्रों को भी बताएं।
ई-मेल: शिकायत बोल
shikayatbol@gmail.com
फ़ेसबुक पर

बुधवार, 3 दिसंबर 2014

ईसाई मिशनरी

ईसाई हथकंडा
• अजय गिरि
मेरे बच्चे दक्षिणी दिल्ली के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। पिछले दिनों ईसाई मिशनरी के कुछ लोग आए थे धर्म प्रचार के लिए। उन्होंने ईसा और धर्म से सम्बंधित पुस्तकें बांटी। ईसाई धर्म की खूबियाँ बताईं और परोक्ष रूप से और धर्मों की निंदा की। उनकी बातों से बच्चों के मन में भ्रांतियां उत्पन्न हुईं।
मेरा बेटा 9वीं में पढता है। उसे फुसलाया कि अपने पापा से बात करना कि अगर वो ईसाई बन जाएँ तो 5 हज़ार का नगद इनाम मिलेगा। साथ ही तुम लोगों का जीवन बदल जायेगा। आरक्षण मिलेगा और सरकारी नौकरी भी। तुम्हें अमेरिका और ब्रिटेन से स्कॉलरशिप प्राप्त होगा और वहां रह भी सकते हो।
बेटे ने मुझसे यह बात बताई। समझ नहीं आ रहा कि मैं इन लोगों से कैसे निपटूं। यह तो साजिश है। लालच है।
इसे कौन और क्यों चला रहा है? इससे किसको और क्या फायदा होनेवाला है? बच्चों को फुसलाना और लालच देना भी तो अपराध है। यह अपराध किसकी शह पर किया जा रहा है? क्या इन पर केस दर्ज कराया जा सकता है?
https://www.facebook.com/ajaygiri1008?fref=nf

अजय गिरि की वाल से। इसे अधिकतम लोगों तक पहुचाएं।
इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.